स्वामी विवेकानंद जी के सुविचार Swami Vivekananda quotes in Hindi

एक अच्छे चरित्र का निर्माण ,

हजारों ठोकरें खाने के बाद ही होता है।

 

क्या तुम यह अनुभव नहीं करते कि ,

दूसरों के ऊपर निर्भर रहना बुद्धिमानी नहीं है।

दृढ़ता पूर्वक खड़ा होकर कार्य करना चाहिए ,

धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जाएगा।

 

उठो और तब तक मत रुको ,

जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो जाए।

 

अपनी अंतरात्मा को छोड़कर

किसी के आगे मस्तक मत झुकाओ

ईश्वर तुम्हारे अंदर ही विद्यमान है

इसका अनुभव करो।

 

जिस व्यक्ति के साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं ,

फिर वह व्यक्ति कभी अकेला नहीं होता।

 

जैसा तुम सोचोगे , वैसे ही बन जाओगे

खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल ,

सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे।

 

दिल और दिमाग के टकराव में

सदैव दिल की सुनो।

 

कभी कमजोर मत पड़ो ,

आप अपने आपको शक्तिशाली बनाओ

आपके भीतर अनंत शक्ति है।

 

अंधविश्वास मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है ,

लेकिन धर्मांधता उससे भी बुरा है।

विश्व में अधिकांश लोग इसलिए असफल हो जाते हैं

क्योंकि उनमें समय पर

साहस का संचार नहीं होता , वह भयभीत हो उठते हैं।

 

पवित्रता , धैर्य और दृढ़ता

यह तीनों सफलता के लिए आवश्यक है ,

और सबसे ऊपर प्यार है।

 

प्यार वह चीज है

जो बचपन में मुफ्त मिलता है

जवानी ने कमाना पड़ता है

बुढ़ापे में मांगना पड़ता है।

 

 

जीवन में सफलता के लिए

हमेशा हमें अपने लक्ष्य पर

ध्यान केंद्रित करना जरूरी है।

 

एक समय में एक काम करो ,

और इसे करते समय

अपनी पूरी आत्मा को इसमें

शामिल करने के लिए सभी को छोड़ दो।

 

संघर्ष जितना बड़ा होगा

जीत उतनी ही शानदार।

 

जीवन में जब तक जीना है

तब तक सीखना है

अनुभव ही जीवन का

सर्वोत्तम शिक्षक है।

 

धन का प्रयोग अगर , अच्छाई के लिए ना हुआ

तो यह धन बुराई की जड़ बन जाता है।

 

जीवन में ज्यादा रिश्ते होना जरूरी नहीं

पर जो रिश्ते हैं उनमें जीवन होना जरूरी है।

 

आधुनिक भौतिक विज्ञान , उन्हीं निष्कर्षों पर पहुंचती है

जिन पर भारतीय वेदांत , युगों पहले पहुंच चुका है।

 

किसी मकसद के लिए खड़े हो तो एक पेड़ की तरह

गिरो तो एक बीज की तरह ,

ताकि दोबारा उगकर

उसी मकसद के लिए फिर से जंग कर सको।